• मांडू विधायक तिवारी महतो ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
• आदिवासी समाज से हैं पीड़ित नौ परिवार के सभी सदस्य
रांची | वरीय संवाददाता
रामगढ़ जिला में नौकरी के नाम पर नौ लोगों से 85 लाख रुपए वसूले गए हैं। इसे लेकर मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने विधानसभा में मामला उठाया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप झामुमो रामगढ़ जिलाध्यक्ष बिनोद किस्कु पर लगाया है। कहा कि झारखंड में केवल कहने को अबुआ सरकार का गठन हुआ है। यहां उनके जिलाध्यक्ष ही नौकरी के नाम पर भोले-भाले आदिवासी परिवार को ठग रहे हैं। उन्होंने नौकरी के नाम पर मोटी रकम का वसूली किया। लेकिन वर्षों बितने के बावजूद पीड़ित परिवार को नौकरी नहीं मिली। इसके अलावा अब तक उनका पैसा भी वापस नहीं लौटाया जा सका है। आरोप से संबंधित दस्तावेज मांडू विधायक ने विधानसभा में लहराया। कहा कि सत्ता का धौंस दिखाकर बिनोद किस्कु प्रशासनिक कार्रवाई से भी बच रहे हैं। वर्तमान सरकार में आदिवासी भाई ही सुरक्षित नहीं है।
स्पीकर को उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेज
विधानसभा स्पीकर को मांडू विधायक ने बिनोद किस्कु के खिलाफ पीड़ित परिवार के द्वारा संबंधित थाना और एसपी को दिए आवेदन उपलब्ध कराया है। जिसमें संबंधित थाना का रिसिविंग, मोहर, एसपी कार्यालय का रिसिविंग और मोहर लगा आवेदन शामिल है। इसके अलावा पीड़ित परिवार की ओर से झामुमो सुप्रीमो सह राज्यसभा सांसद शिबू सोरेने और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष शिकायत का कॉपी शामिल है। जिसमें झामुमो जिला कार्यकर्ता हरिलाल बेदिया ने नौकरी के नाम पर 5 लाख रुपए लेने, संगठन सचिव बाबूलाल मरांडी ने 4 लाख रुपए लेने, प्रखंड सचिव सनमति देवी ने 10 लाख रुपए लेने, सोनारोम सोरेन ने 8 लाख 42 हजार, रोयल मांझी ने 10 लाख रुपए लेने, राजेंद्र मुर्मू ने 9 लाख 50 हजार रुपए लेने, संजय मांझी ने 10 लाख रुपए लेने, गहन मांझी ने 16 लाख रुपए लेने, लखीराम मांझी ने 13 लाख रुपए लेने की बात कही है।
राज्य में केवल कहने को अबुआ सरकार : तिवारी महतो
मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी ने कहा कि राज्य में केवल कहने को अबुआ सरकार है। यहां झामुमो जिलाध्यक्ष बिनोद किस्कु ने नौकरी के नाम पर भोले-भाले आदिवासी परिवार को ठग रहे हैं। उन पर कार्रवाई करने के स्थान पर राज्य सरकार बिनोद किस्कु को सह दे रही है। जिसके बल पर बिनोद किस्कु पीड़ित परिवार को ही धौंस दिखाते हैं।
